लालकुआं: अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, इस चर्चित स्टोन क्रशर को किया सीज

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लालकुआं। नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले कृष्णा स्टोन क्रशर पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर दी है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद राजस्व और खान विभाग की संयुक्त टीम ने औचक छापेमारी कर क्रशर को सीज कर दिया, जिससे क्षेत्र में खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

जांच के दौरान क्रशर परिसर में अवैध खनन से बने विशालकाय गड्ढे पाए गए, जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जब टीम ने गड्ढों की खुदाई से संबंधित अनुमति और अभिलेख मांगे, तो क्रशर संचालक कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। हैरानी की बात यह रही कि पूर्व में इसी गड्ढे को लेकर जुर्माना लगाया जा चुका था, इसके बावजूद दोबारा खुदाई कर नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।

दस्तावेजों के अभाव और नियम उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कृष्णा स्टोन क्रशर को सीज कर दिया। साथ ही संचालक को तीन दिनों के भीतर सभी वैध अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तब तक क्रशर का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा आबादी क्षेत्र के समीप मानकों की अनदेखी कर फैलाए जा रहे ध्वनि प्रदूषण की भी अलग से जांच शुरू कर दी गई है।

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जिला खान अधिकारी ताजवर सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि यदि गड्ढे से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो क्रशर संचालक के खिलाफ भारी जुर्माने के साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और अवैध खनन के खिलाफ इसी तरह की सख्ती लगातार जारी रखने की मांग की है।

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निरीक्षण के दौरान क्रशर परिसर में विशालकाय गड्ढा पाए जाने से अधिकारी भी हैरान रह गए। टीम द्वारा गड्ढे की खुदाई से संबंधित अनुमति और अभिलेख मांगे गए, लेकिन क्रशर संचालक कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। खास बात यह रही कि पूर्व में इसी गड्ढे को लेकर जुर्माना लगाया जा चुका है, इसके बावजूद दोबारा खुदाई कर नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।

दस्तावेजों के अभाव को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कृष्णा स्टोन क्रशर को सीज कर दिया। साथ ही तीन दिनों के भीतर सभी वैध अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तब तक क्रेशर का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा आबादी क्षेत्र में मानकों की अनदेखी कर फैलाए जा रहे ध्वनि प्रदूषण की भी जांच शुरू कर दी गई है।

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जिला खान अधिकारी ताजवर सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि यदि गड्ढे से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो क्रेशर संचालक के खिलाफ भारी जुर्माने के साथ कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और अवैध खनन के खिलाफ इसी तरह की सख्ती लगातार जारी रखने की मांग की है।