रजत जयंती पर आँचल ने रचा इतिहास — लक्ष्य से अधिक दुग्ध उत्पादक जुड़े सहकारिता से, सदस्य संख्या पहुँची 34,604

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लालकुआं। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने अपनी रजत जयंती पर सहकारिता की नई मिसाल पेश की है। अध्यक्ष मुकेश बोरा के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गए डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस विशेष पहल के तहत 150 दुग्ध समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को सहकारी सदस्यता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, जो पार होकर 151 नए दुग्ध उत्पादकों के जुड़ने के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल गया।

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संघ की कुल सदस्य संख्या अब बढ़कर 34,604 हो गई है। आँचल के इस अभियान ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि सहकारिता के प्रति किसानों और पशुपालकों के विश्वास और भागीदारी को भी मजबूत किया है।

अभियान के दौरान संघ की टीमों ने गांव-गांव जाकर दुग्ध उत्पादकों से संवाद स्थापित किया, उन्हें सहकारी समितियों से जुड़ने के लाभ, पारदर्शी मूल्य भुगतान प्रणाली, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही, आँचल दुग्ध संघ द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों के प्रति जागरूकता भी फैलाई गई।

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दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने बताया कि यह पहल ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सहकारिता की भावना को मजबूत करने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को उचित मूल्य, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएँ निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आगामी समय में इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पशुपालक सहकारिता से जुड़ सकें।

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इस मौके पर वित्त प्रभारी उमेश पठालनी, प्रशासन एवं विपणन अधिकारी संजय सिंह भाकुनी, पी एंड आई सुभाष बाबू, महिला डेयरी सहायक प्रबंधक गीता ओझा, प्रभारी पर्वतीय कृपाल सिंह, राजेंद्र दुम्का, शांति कोरंगा, मुन्नी आर्या, मोहन जोशी, कमलेश कुमार, रमेश मेहता, रमेश आर्या, विपिन तिवारी, हेमंत पाल, मीना रौतेला समेत बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक, सुपरवाइजर और कर्मचारी उपस्थित रहे।