बिंदुखत्ता में ‘राजस्व ग्राम’ की जंग तेज: जनमिलन के जरिए घर-घर पहुंचा वनाधिकार संगठन, लोगों से मांगा समर्थन
बिंदुखत्ता। सुबह का समय, गांव की गलियों में हलचल और लोगों के बीच एक ही चर्चा—राजस्व ग्राम का दर्जा। इसी माहौल के बीच वनाधिकार संगठन ने अपनी मुहिम को और धार देते हुए प्रातःकालीन जनमिलन अभियान शुरू किया।
संगठन के सदस्य घर-घर और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर इस लंबे समय से चली आ रही मांग को जनआंदोलन बनाने की अपील की। खास तौर पर दुग्ध समितियों में जाकर दुग्ध उत्पादकों से मुलाकात की गई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
संगठन के पदाधिकारियों ने लोगों को समझाया कि राजस्व ग्राम बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी—बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी, सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा और प्रशासनिक पहचान मजबूत होगी।
जनमिलन के दौरान ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने खुलकर समर्थन जताया और इस मुहिम को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।
वनाधिकार संगठन ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि बिंदुखत्ता के भविष्य की लड़ाई है, जिसे हर नागरिक की भागीदारी से ही जीता जा सकता है।
अब इस अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी की जा रही है।
इस दौरान वनाधिकार संगठन के उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, भरत नेगी, दीपक जोशी, सुशील यादव, भूपेश जोशी समेत कई लोग मौजूद रहे।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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