चोरगलिया मामला; विधायक समर्थकों के खिलाफ ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपी तहरीर, मुकदमा दर्ज करने की करी मांग

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लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के चोरगलिया में 27 अक्टूबर को हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में ग्रामीणों ने चोरगलिया थाने में तहरीर देकर गवाह बनाए गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।

बतादें कि 27 अक्टूबर को चोरगलिया में दुग्ध समिति के बोनस वितरण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। इस हंगामे की वजह वेटनरी डिपार्टमेंट में तैनात एक कर्मचारी का तबादला किया जाना बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने बोनस वितरण में आए लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट के समक्ष उक्त मामले को लेकर कड़ा विरोध जताया था। इस दौरान हंगामा कर रहे ग्रामीण जोरदार नारेबाजी करते हुए विधायक के काफिले के आगे लेट गए।

इस मामले में गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ गाली-गलौज किए जाने, मारपीट करने के प्रयास तथा विधायक की गाड़ी के आगे लेटने तथा उनके वाहन को क्षतिग्रस्त किए जाने समेत अनेक धाराओं में गांव के भुवन पोखरिया व अन्य दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही इस मामले में दस गवाह भी बनाए गए। लेकिन बाद में बड़े ही नाटकीय ढंग से दो गवाहों ने पलटी मार ली। उनका कहना था कि वह दबाव में गवाह बने थे।

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इधर आज चोरगलिया थाने में ग्रामीणों ने तहरीर दी है कि झूठी गवाही देने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में झूठी गवाही देने वाले विधायक के समर्थक हैं।
तहरीर देने वालों में भुवन पोखरिया, कमलेश दुर्गापाल, भावना बजेटा, नंदन सिंह बोरा, राजेंद्र जांगी, दीपक आर्य, सुरेश कोहली समेत कई क्षेत्रवासी शामिल हैं।

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