लालकुआं: यहां दूध की आड़ में चल रहा था लकड़ी तस्करी का खेल, वन विभाग ने पकड़ी रेलवे की अर्टिगा कार, एक गिरफ्तार

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लालकुआं। तराई केन्द्रीय वन प्रभाग के अंतर्गत टांडा रेंज में वन विभाग ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी तस्करी में लिप्त एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, विभाग ने रेलवे विभाग की एक अर्टिगा कार को भी जब्त किया है, जिसमें सागौन की दो बड़ी गिल्टें बरामद की गई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से दूध व्यवसाय की आड़ में जंगल से लकड़ी की तस्करी कर रहा था।

वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने बताया कि बीते कुछ दिनों से साखपठानी गुर्जर खत्ते के पास अवैध लकड़ी कटान और तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर डिप्टी रेंजर वीरेंद्र परिहार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त बढ़ाई और मुखबिरों को सक्रिय किया। मंगलवार सुबह टीम को सफेद रंग की अर्टिगा कार (संख्या UK04 AG 9766) जंगल में खड़ी दिखाई दी। संदिग्ध गतिविधि के चलते टीम ने इलाके की घेराबंदी कर ली।

कुछ ही देर बाद कार जंगल से लालकुआं की ओर बढ़ी, तभी टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें सागौन की लकड़ी की दो गिल्टें बरामद हुईं, जिनकी कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही है। टीम ने मौके से आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान आकाश सिंह पुत्र जगत सिंह निवासी साखपठानी गुर्जर खत्ता, हाल निवासी जवाहर नगर वार्ड नंबर तीन लालकुआं के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दूध का कारोबार करता है और जंगल में रहने वाले पशुपालकों से दूध एकत्र कर लालकुआं में बेचता है। आर्थिक तंगी के चलते उसने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर लकड़ी तस्करी का काम शुरू कर दिया था। फिलहाल वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार साथियों की तलाश शुरू कर दी है।

वन विभाग की टीम में डिप्टी रेंजर वीरेंद्र परिहार, वन दरोगा विशन राम, महिला वन दरोगा गंगा मेहता, राहुल कुमार, मजिता चौहान, सुनीता बडसिल्या, मेराज सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।