बिंदुखत्ता: राज्य स्थापना की रजत जयंती पर बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग, सीएम धामी को सौंपा ज्ञापन

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बिंदुखत्ता (नैनीताल)। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर गुरुवार को बिंदुखत्ता क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को ज्ञापन प्रेषित कर बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग की है।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि वनाधिकार कानून 2006 के अंतर्गत बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम का प्रस्ताव एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। इस कारण यहां के स्थानीय नागरिकों को पंचायती राज व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 25 सितंबर 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई शासनस्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि “बिंदुखत्ता प्रकरण में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति निर्णय लेने के लिए सक्षम है तथा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्णय ले।” इसके बावजूद अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है, जबकि जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा जून 2024 और सितंबर 2024 में समिति की सर्वसम्मत रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती (9 नवंबर 2025) के ऐतिहासिक अवसर पर बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी कर क्षेत्र की जनता को एक बड़ा तोहफा दिया जाए।

इसी मुद्दे पर एक ज्ञापन जिलाधिकारी नैनीताल को एसडीएम कार्यालय लालकुआं के माध्यम से भी सौंपा गया।

इस दौरान अर्जुन नाथ गोस्वामी, एडवोकेट बलवंत बिष्ट, उमेश भट्ट, किरण डालाकोटी, संध्या डालाकोटी, गणेश कांडपाल, त्रिलोक सिंह दानू, किशन सिंह जग्गी, रज्जी बिष्ट, हेमा पांडे, नवीन जोशी और मोहनी समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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