ओखलकांडा(भीमताल) : मौत के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण, आदमखोर तेंदुए ने दिन-दहाड़े महिला को बनाया शिकार

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भीमताल। धारी ब्लॉक के बाद अब ओखलकांडा ब्लॉक से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां दिन-दहाड़े तेंदुए के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है, जबकि ग्रामीणों में वन विभाग को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

मृतका की पहचान रेखा देवी पत्नी पान सिंह, निवासी चमोली गांव, कीटोड़ा तोक (ओखलकांडा ब्लॉक) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को रेखा देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास काटने गई थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ रेखा देवी को पकड़कर करीब दो किलोमीटर तक जंगल के भीतर घसीट ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर अन्य महिलाओं ने शोर मचाया और मदद की कोशिश की, लेकिन तेंदुआ महिला को नहीं छोड़ पाया। कुछ ही देर में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति जबरदस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की लगातार गतिविधियों की सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसका खामियाजा आज एक महिला को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ, भीमताल विधायक और सीएमओ नैनीताल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। गांव में फिलहाल मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतका के परिजन गहरे सदमे में हैं, वहीं ग्रामीणों के मन में अब हर वक्त तेंदुए का खौफ बना हुआ है।

लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कब तक पहाड़ी इलाकों में लोग वन्यजीवों के आतंक में जीने को मजबूर रहेंगे।