बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम पर फिर गरमाई राजनीति, ‘चाय पर चर्चा’ में प्रशासन और विधायक पर उठे सवाल

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लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्वी घोड़ानाला स्थित कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट के आवास पर ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्जुन नाथ गोस्वामी ने की, जबकि संचालन भुवन भट्ट ने किया।

बैठक में वक्ताओं ने प्रशासन पर वनाधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाया। साथ ही लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उनके उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई गई, जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार सभी गोठ-खत्तों के लिए कैबिनेट या सदन में प्रस्ताव पारित कर नई पॉलिसी बनाने जा रही है।

वक्ताओं का कहना था कि वनाधिकार अधिनियम एक सरल, स्पष्ट और प्रभावी कानून है, लेकिन शासन-प्रशासन इसे नजरअंदाज कर जटिल प्रक्रिया की ओर ले जाना चाहता है, जिसका अंतिम रास्ता सर्वोच्च न्यायालय से होकर गुजरता है। उन्होंने इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वनाधिकार अधिनियम को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पिछले छह माह से चल रही ‘चाय पर चर्चा’ अब आगामी 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को तहसील लालकुआं में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य आम नागरिकों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों को भी कानून की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वनाधिकार समिति के सदस्य एवं संरक्षक आगामी दिनों में घर-घर जाकर आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण देंगे।

इस अवसर पर हरीश चंद्र, रमेश गोस्वामी, बसंत पांडेय, दीपक जोशी, संध्या डालाकोटी, दरबान नेगी, भुवन शर्मा, प्रताप कोश्यारी, हरेंद्र बिष्ट, नंदन बोरा, उमेश भट्ट, कैप्टन प्रताप सिंह, श्याम सिंह रावत, गोपाल बोरा, दौलत कोरंगा, कुन्दन रावत, लोकपाल कोरंगा, गोपाल गड़िया, नैन सिंह, हयात सिंह, तारा दत्त, मोहनी मेहता, नरेंद्र सिंह, राधेश्याम, माधो सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।