बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की मांग पर 11वें दिन भी जारी रही पदयात्रा, नेगी बोले- पत्रावली केंद्र भेजना सौतेले व्यवहार जैसा
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चल रही घर-घर जनजागरण पदयात्रा 11वें दिन भी जारी रही। सोमवार को पदयात्रा राजीव नगर से गैलागेट होते हुए संजयनगर पहुंची। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित साढ़े चार सौ से अधिक लोगों ने भागीदारी की। पदयात्रा के दौरान 200 से अधिक परिवारों से संपर्क कर लोगों से 27 सितंबर को प्रस्तावित रैली को सफल बनाने की अपील की गई। सोमवार रात का कार्यक्रम संजयनगर स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित किया जाएगा।
पदयात्रा के समापन पर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत नेगी ने बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार कानून के तहत 75 वर्ष या तीन पीढ़ी की बाध्यता को लेकर जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से 8 नवंबर 2013 को स्पष्टीकरण जारी किया गया था। इसके बाद देशभर में 1700 से अधिक राजस्व ग्राम बनाए जा चुके हैं, जिनमें उत्तराखंड के छह राजस्व ग्राम भी शामिल हैं।
नेगी ने दावा किया कि इन मामलों में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति लिए बिना सीधे राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की पत्रावली को केंद्र सरकार के पास भेजा जाना क्षेत्र के साथ दोहरे मापदंड और सौतेले व्यवहार को दर्शाता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और जल्द अधिसूचना जारी की जाए।
‘दिमागी नक्सल’ कहने पर भी नेगी ने दिया जवाब
पदयात्रा में शामिल लोगों को कुछ लोगों की ओर से कथित तौर पर “दिमागी नक्सल” कहे जाने पर नेगी ने कहा कि बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की मुहिम वनाधिकार कानून और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस प्रक्रिया पर आपत्ति या शंका है तो बंद कमरे में आरोप लगाने के बजाय खुले मंच पर आकर कानून और अभिलेखों के आधार पर चर्चा करनी चाहिए।
नेगी ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रही है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
27 सितंबर की रैली को सफल बनाने की अपील
पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर लोगों को बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग और आंदोलन के उद्देश्यों की जानकारी दी। साथ ही आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।
पदयात्रा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट, यात्रा संयोजक अर्जुन नाथ, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा भरत नेगी, दीपक जोशी, महेश फुलारा, बलवंत बिष्ट, दीपक पाठक, नंदन बोरा, प्रकाश उत्तराखंडी, धर्मेंद्र कोरंगा, गौला खनन समिति के मनोज दानू, सुशील यादव, दीपक नेगी, रामलीला कमेटी संजयनगर के अध्यक्ष गोविंद मेहता, सोहन लाल, दीवान सिंह बरगली धरम सिंह शाही लक्ष्मण बथयाल दीपक सिंह बथयाल दिया शाही मुन्नी बथयाल ममता कार्की कमला कोरंगा ज्योति मेहता रमूली कोरंगा रेखा बथयाल खष्टी शाही आदि शामिल रहे।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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