पूर्व केबिनेट मंत्री दुर्गापाल ने सरकार को घेरा, कहा दो 2 सप्ताह से शिविर में रहने को मजबूर हैं आपदा पीड़ित
लालकुआं। राज्य की भाजपा सरकार आपदा पीड़ितों के प्रति लापरवाह बनी हुई है। भीषण बारिश के बाद आई आपदा के 2 सप्ताह के बाद भी सरकार आपदा पीड़ितों की सुध नहीं ले रही है। जिस कारण जहां आपदा में बेघर हुए लोग शरणार्थी बने हुए हैं वही किसान मुआवजे की आस में टकटकी लगाए हुए बैठे हैं।
यह बात पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने प्रेस को जारी बयान में कहे। उन्होंने कहा कि विगत दिनों भारी बरसात से आई आपदा से पूरे प्रदेश के साथ ही लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के बिन्दुखत्ता के साथ ही बरेली रोड, गौलापार , चोरगलिया क्षेत्र में जबरदस्त तबाही मचाई। गोला नदी में आई बाढ़ के कारण जहां बिन्दुखत्ता में कई मकान बाढ़ की चपेट में आ गए वही पूरी विधानसभा के हजारों किसानों को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा भरपाई नहीं की गई है। हैरत की बात है कि बिन्दुखत्ता के इंदिरानगर 2 क्षेत्र में गोला नदी में आई बाढ़ के चलते बेघर हुए परिवारों के लिए सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन फैब्रिकेटेड मकान बनाने को तैयार है परंतु जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के लिए जगह भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जिस कारण बाढ़ पीड़ितों को शरणार्थियों की तरह स्कूलों में रात गुजारनी पड़ रही है। जबकि आपदा के बाद सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि मौके पर आकर तमाम वादे करके गए हैं।
पूर्व काबीना मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने मांग की है कि उन गरीब परिवारों के मकान बनाने हेतु प्रशासन तुरंत भूमि उपलब्ध कराए ताकि सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं उस पर फैब्रिकेटेड भवनों का निर्माण कर सके। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रभावित किसानों की धान एवं अन्य फसलो को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।


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