फैक्ट चेक: नर्मदा क्रूज हादसे से जुड़ी मां-बेटे की वायरल तस्वीर फर्जी, जानें पूरा सच

ख़बर शेयर करें 👉

सोशल मीडिया पर इन दिनों नर्मदा नदी के क्रूज हादसे से जुड़ी एक बेहद भावुक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर जबलपुर के बरगी बांध में हुए हादसे की है, जहां मां-बेटे की डूबने से मौत हो गई।

हालांकि, पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत साबित हुआ है। जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही यह तस्वीर असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार की गई है।

क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक में यह दावा किया जा रहा है कि ‘जबलपुर में हुए एक क्रूज हादसे के बाद एक मां अपने बेटे को पकड़े हुए थी और दोनों की डूबने से मौत हो गई।’ सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने अपनी में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक फोटो भी शेयर की है। इस पोस्ट में एक महिला की गोद में छोटे बच्चे को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि दोनों मां-बेटे हैं और दोनों की डूबने से मौत हो गई। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “कुछ दृश्य इंसान को अंदर तक तोड़ देते हैं… बरगी डैम की यह तस्वीर वैसी ही एक तस्वीर है। जब मैंने यह दृश्य देखी, सच में कुछ पल के लिए शब्द खत्म हो गए। आंखों में आंसू थे, और दिल बस यही सोच रही थी… एक मां आखिर मां ही होती है।”

फैक्ट चेक
चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए इसकी जांच की गई। वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर इसके AI-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इस तस्वीर को कई एआई डिटेक्शन टूल्स पर जांचा। इन टूल्स से मिले नतीजों में तस्वीर पूरी तरह वास्तविक नहीं पाई गई। जांच में संकेत मिले कि इमेज में डिजिटल एडिटिंग या एआई जनरेशन के एलिमेंट हो सकते हैं। यानी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ या उसे आर्टिफीशियल तरीके से तैयार किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। पड़ताल के अगले चरण में इस फोटो को एक अन्य AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर स्कैन किया। प्राप्त परिणामों के अनुसार, यह फोटो लगभग 96 प्रतिशत तक AI जनरेटेड पाया गया।

जांच जारी रखते हुए, जब ऑनलाइन सर्च किया गया और आधिकारिक स्रोतों की जांच की गई। इस दौरान जबलपुर जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स के कलेक्टर जबलपुर अकाउंट पर इस वायरल तस्वीर को लेकर जारी एक मिला। इस पोस्ट में प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा, ‘जबलपुर..यह फोटो एआई जनरेटेड है या अन्य किसी स्रोत की है। बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।’ यह आधिकारिक बयान इस बात की पुष्टि करता है कि वायरल तस्वीर को गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया जा रहा है।

फैक्ट चेक में क्या निकला?
फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को जबलपुर में हुए क्रूज हादसे से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि पड़ताल में सामने आया कि वायरल फोटो असली नहीं, AI जनरेटेड है। ऐसे में फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

क्या है मामला?
बता दें कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में 30 अप्रैल की शाम को हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। तेज तूफान के कारण एक क्रूज नौका पलटकर डूब गई, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। क्रूज में सवार 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद से इस हादसे से जुड़ी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रहीं हैं। इसमें एक बेहद भावुक और विचलित कर देने वाली तस्वीर लगातार शेयर की जा रही थी, जिसमें एक महिला लाइफ जैकेट पहने पानी में दिखाई दे रही है और एक छोटा बच्चा उसके सीने से लिपटा हुआ है। हालांकि वायरल हो रही तस्वीर फर्जी है, लेकिन एक मां का उसके बेटे से लिपटा शव बरामद भी किया गया था।