बड़ी खबर: धामी कैबिनेट के अहम फैसले, 2015 से पहले नियुक्त उपनल कर्मियों को समान वेतन, 4 जिलों में बनेंगे 6 विशेष न्यायालय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तराखंड सचिवालय में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें कर्मचारियों से जुड़े फैसले और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने से संबंधित निर्णय प्रमुख रहे।
कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लेते हुए वर्ष 2015 से पहले नियुक्त उपनल (UPNL) कर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन देने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 7000 उपनल कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से उपनल कर्मी इस मांग को लेकर आंदोलनरत थे, जिस पर अब सरकार ने अंतिम निर्णय लेते हुए राहत दी है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपनल के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में पूर्व सैनिकों (एक्स-सर्विसमैन) को पहले की तरह प्राथमिकता मिलती रहेगी। कैबिनेट के अनुसार उपनल की मूल भावना पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़ी है और इस व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
न्यायिक ढांचे को सशक्त करने के लिए कैबिनेट ने राज्य के चार जिलों में छह विशेष न्यायालयों के गठन को भी हरी झंडी दे दी है। इन न्यायालयों के संचालन के लिए 7 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) और 9 अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) के पद सृजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर आम जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत और सौरभ बहुगुणा उपस्थित रहे। वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं और प्रस्तावों पर अपने विचार रखे।


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