उत्तराखंड में साइबर ठगों का नया फर्जीवाड़ा—स्कूल फीस और खिलाड़ियों के नाम पर कर रहे ठगी

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देहरादून। उत्तराखंड में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला स्कूल फीस और खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि को लेकर सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने पहले अभिभावकों को स्कूल के नाम से फर्जी क्यूआर कोड भेजकर फीस के नाम पर पैसे वसूलने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का जाल बिछाया गया।

जानकारी के मुताबिक, देहरादून के एक स्कूल के अभिभावकों को व्हाट्सएप पर डेवलपमेंट फीस के नाम पर ₹4990 का भुगतान करने के लिए क्यूआर कोड भेजा गया। इसमें फीस की अंतिम तिथि और विलंब शुल्क का भी उल्लेख था। अचानक इस तरह का मैसेज मिलने पर कुछ अभिभावकों ने जब स्कूल से संपर्क किया, तो ठगी का मामला सामने आया। स्कूल प्रशासन ने तुरंत सभी अभिभावकों को सतर्क किया, जिससे समय रहते बड़ा फर्जीवाड़ा होने से टल गया।

खेल पुरस्कार के नाम पर भी फर्जीवाड़ा

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साइबर ठगों की नजर अब खिलाड़ियों पर भी है। ठगों ने एक फर्जी वेबसाइट बनाकर खुद को ‘भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025’ का आयोजक बताया। इस वेबसाइट पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), पीटी ऊषा और नीरज चोपड़ा जैसे दिग्गजों की तस्वीरें लगाकर उन्हें पुरस्कार चयन समिति का सदस्य दिखाया गया है। वेबसाइट पर डोनेशन के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया है।

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एसटीएफ का खुलासा, जीरो एफआईआर दर्ज

इस मामले में एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि साइबर ठगों ने खिलाड़ियों से पुरस्कार आवेदन के नाम पर ठगी करने की कोशिश की है। एक फर्जी वेबसाइट तैयार कर उस पर नामचीन हस्तियों की फोटो लगाकर विश्वसनीयता दिखाने की कोशिश की गई। ठगों की इस हरकत पर साइबर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है, और आगे की जांच की जा रही है।

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साइबर ठगी से ऐसे रहें सतर्क— पुलिस की अपील:

  • कोई भी भुगतान केवल अधिकृत वेबसाइट या स्कूल/संस्था द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही करें।
  • किसी अज्ञात नंबर से आए क्यूआर कोड या लिंक पर क्लिक न करें।
  • पुरस्कार या सरकारी योजना से जुड़े आवेदन करने से पहले स्रोत की प्रामाणिकता की जांच करें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर थाना को दें।