बिंदुखत्ता: मां नन्दा–सुनन्दा महोत्सव में भक्तिभाव से हुआ कदली वृक्ष का आगमन, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
लालकुआं। बिंदुखत्ता क्षेत्र के इन्द्रानगर-2 स्थित सरस्वती मंदिर प्राइमरी पाठशाला काररोड में चल रहे मां नन्दा–सुनन्दा महोत्सव में शुक्रवार को कदली का वृक्ष बड़े श्रद्धाभाव के साथ लाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा। क्षेत्रभर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मां नन्दा–सुनन्दा से सुख-समृद्धि की कामना की।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह दानू ने बताया कि परंपरा के अनुसार हर वर्ष कदली वृक्ष की विशेष पूजा की जाती है। कदली वृक्ष लाने की रस्म महोत्सव का अहम हिस्सा है और इसे शुभ व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
महोत्सव के सफल संचालन के लिए मंदिर कमेटी की पूरी टीम लगातार जुटी हुई है। अध्यक्ष पद पर हरेन्द्र सिंह दानू के साथ उपाध्यक्ष सुनील गोस्वामी, प्रबंधक पंकज सिंह दानू, उपप्रबंधक प्रकाश सिंह मडिया, सचिव प्रदीप नौटियाल प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, उपसचिव राजेन्द्र सिंह दुबरिया, चन्दन सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष संजय बिष्ट, उप कोषाध्यक्ष कमलेश दानु आयोजन में सक्रिय हैं।
प्रचार मंत्री की जिम्मेदारी कुनाल गोस्वामी, मुदित दानु और दीपक बिष्ट निभा रहे हैं। सांचालक के तौर पर दीवान सिंह गाडिया और अभय नाथ गोस्वामी कार्यरत हैं। वहीं, सरंक्षक की जिम्मेदारी खिलाफ सिंह मेहरा, बलवन्त सिंह दानु, खिलाफ सिंह दानु, राजेन्द्र सिंह चौहान, अर्जुन नाथ गोस्वामी और बीरेन्द्र सिंह दानु संभाल रहे हैं।
पूजा-अर्चना के लिए पुजारी पुष्कर सिंह चौहान, दीपक सिंह दानु और दिवाकर काण्डवाल के साथ सहायक पुजारी कन्नू जोशी, गोपाल सिंह बिष्ट (भगत जी) और दीपक सिंह बिष्ट सेवा दे रहे हैं। भंडार प्रबंधन की जिम्मेदारी कुंवर सिंह पवार और पुष्कर सिंह दुबडिया के पास है।
महोत्सव समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य मेला भी आयोजित होगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इस महोत्सव का हिस्सा बन सकें।


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