उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग-चमोली में बादल फटने से भारी तबाही, कई लोग लापता; मुख्यमंत्री ने दिए राहत-बचाव के निर्देश

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रुद्रप्रयाग/चमोली। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से बादल फटने की बड़ी खबर सामने आई है। रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। छेनागाड़ डुगर गांव और जौला बड़ेथ गांव में कई लोगों के लापता होने की सूचना है। वहीं, स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया और एक बोलेरो वाहन बह गया।

बड़ेथ, बगडधार और तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में भारी पानी और मलबा आ गया है। कमाणा में खेती की भूमि बह गई और सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर आकर यातायात बाधित हो गया। अरखुंड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गया। छेनागाड़ बाजार क्षेत्र में भी मलबा भर गया और कई वाहनों के बहने की सूचना है।
इधर, चमोली जिले की देवाल तहसील के मोपाटा गांव में अतिवृष्टि से बड़ी घटना हुई है। यहां तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं। जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हो गए। उनका आवास और गोशाला मलबे में दब गए, जिसमें करीब 25 पशुओं के दबने की सूचना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों जिलों में हुई इन घटनाओं पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि सभी जिलास्तरीय अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम से लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग चिह्नित किए गए हैं। राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।

तैनात नोडल अधिकारी:
तालजामण क्षेत्र: मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी।
छेनागाड़ क्षेत्र: जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक अभियंता (ग्रामीण निर्माण विभाग), जिला आबकारी अधिकारी एवं जिला परियोजना अधिकारी।
देवल गांव क्षेत्र: महाप्रबंधक उद्योग विभाग एवं सहायक प्रबंधक उद्योग विभाग।
स्यूर क्षेत्र: उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर खोज-बचाव कार्य, राहत वितरण और क्षति का आकलन करें। साथ ही संबंधित जानकारी फोटो सहित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के नंबर 8958757335 पर भेजना सुनिश्चित करें।